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  • बुनियादी ढांचा

    बुनियादी तौर पर इस संस्थान की किताबों के जखीरे को टोंक रियासत के तीसरे शासक नवाब मोहम्मद अली खां ने जमा किया। उन्हें तात्कालिक अंग्रेज सरकार ने बनारस भेज दिया था। नवाब मोहम्मद अली खां साहित्य के संग्रह एवं इसके अध्ययन में अत्यधिक रूचि रखते थे एवं मशरिक़ी उलूम के विद्वान थे जिसके परिणाम स्वरूप वहां निवास के दौरान उन्होंने अपने निजि आर्थिक साधनों से मशरिक़ी उलूम पर महत्वपूर्ण हस्तलिखित ग्रन्थ एकत्रित किये। यह मूल्यवान संग्रहालय जिला सईदिया पुस्तकालय, राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान, जोधपुर के शाखा कार्यालय, टोंक से गुजरते हुए राज्य सरकार द्वारा वर्ष १९७८ में सृजित एक पृथक एवं स्वतन्त्र संस्थान में स्थान्तरित हो गया...

  • तारीख़ी पसमन्ज़र

    भारत के राजस्थान राज्य के ज़िला टोंक में स्थित मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, अरबी फ़ारसी शोध संस्थान, राजस्थान सरकार द्वारा स्थापित एक अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान है, जो राजस्थान की राजधानी जयपुर से दक्षिण दिशा में १०० किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जयपुर से टोंक आवागमन का साधन मात्र् बस की सुविधा है। संस्थान के परिसर का क्षेत्रफल १,२६,००० स्कवेअर फीट है। इसके ७,१७३ स्कवेअर फीट में मुख्य भवन एवं ६,३१५ स्कवेअर फीट में स्कालर्स गेस्ट हाउस बना हुआ है जिसमें पूरी तरह सुसज्जित ८ कमरों के साथ डाएनिंग हाल, विजीटिंग हाल आदि की भी व्यवस्था है। संस्थान में संधारित इल्मी धरोहर में ८०५३ दुर्लभ हस्तलिंखित ग्रन्थ, २७७८५ मुद्रित पुस्तकें, १०२३९ क़दीम रसाइल, ६७४ फ़रामीन एवं भूतपूर्व रियासत टोंक के महकमा शरीअत के ६५००० फेसलों की पत्रवलियों के अतिरिक्त हज़ारों अनमोल अभिलेख, प्रमाण-पत्र्, तुग़रे और वसलियां उपलब्ध हैं। यह साहित्यिक धरोहर पांचवी सदी हिजरी से आज तक के दौर के लेखन, प्रकाशन और उनके अनुवादों पर आधारित हैं जिनमें से हर एक अपनी विशेष महत्वता रखता है। इनमें क़ुरआन, क़िरअत, फ़िक़ह, तसव्वुफ़, फ़लसफ़ा, मन्तिक़, सीरत, तारीख़, तिब, नुजूम और अदब आदि विषयों के अतिरिक्त बुज़ुर्गाने दीन के मलफूज़ात भी शामिल हैं ।....

  • apri-tonk

    संस्थान की धरोहर

    यह संस्थान अपने दुर्लभ एवं अद्भुत साहित्य के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां हिस्टोरियोग्राफी, ओरियन्टोलोजी एवं इस्लामिक स्टडीज पर अमूल्य एवं दुर्लभ सामग्री संग्रहित है। इसके अतिरिक्त विभिन्न विषयों जैसे सूफिज्म, उर्दू, अरबी एवं फारसी साहित्य, केटेलाग्स, यूनानी चिकित्सा, स्वानेह हयात (आत्म कथा), मध्य कालीन इतिहास, स्वतन्त्रता अभियान पर साहित्य, ख़त्ताती, रीमिया, कीमिया, सीमिया, दर्शन, तर्कशास्त्र, विधि शास्त्र, मन्तिक़, विज्ञान एवं शिकार आदि विषयों पर असीम साहित्य उपलब्ध है।....

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vasundhra-raje
Hon'ble Minister of Art, Literature, Culture and Archeaology Department
Smt. Krishnendra Kaur (Deepa)
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Maulana Abul Kalam Azad

Virtual Tour

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Khazinat ul Makhtutat : Volume III (Urdu), 1984.

"Wazahati Fihrist" (Descriptive Catalogue) of Arabic, Persian and Urdu manuscripts preserved in this Institute dealing....
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Mujamul Musannifin
(Urdu), Vol. III 1997.

An Urdu rendition of a rare Arabic book. It covers the details of the prominent Arabic writers.
Price Rs. 108/-, Size 20x26/8,
Pages 328

Tarikh-i-Tonk
(Hindi), 1997.

A Hindi rendition of the Urdu book of Mohd. Aijaz Khan. It is a history of erstwhile Tonk State from 1817 to independence.
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Tonk ke Hukmrano ka Mukhtasar Ta'a ruf

(Multilingual as English, Hindi, Urdu)-2013 A short history of Tonk state with the portraits of the seven Nawwabs.
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Riyasat Tonk ke Hukmran-i-Zeeshan

An authentic history containing some explanation of the 7 Nawwabs of Tonk with their portraits including some pictures ...
Price Rs. 362/-, Size 20x30/8,

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